खुशबूदार यादें
काश! ऐसा हो... कि जब अभी मैं यहाँ बैठी अपनी मन की मुराद डायरी के पन्ने के हवाले करने में लगी हूँ, कहीं कोई ज़हनी जादूगर ऐशी मशीन बनाने में लगा हो जिसमें हम अपनी "खुशबूदार यादें " सहेज सकें ।
. ऐसी खुशबू जिनको मन किसी सुंदर याद से नत्थी कर लेता है। मेरे पास तो एक बड़ा पिटारा है। ऐसे कोई खास खुशबू आई... और कोई खास-ही याद भी नुमायाँ हो गई।अभी-अभी फिआमा डिविल्स बॉडीवॉश की खुशबू आते ही बरसों पुरानी कई यादों ने मन में परेड की एक बाद एक....यूनिवर्सिटी, पहला सेमेस्टर, जन्मशताब्दी महोत्सव, बर्फीली ठण्ड, कुछ गाने- "कोई दिल बेकाबू कर गया", महा मज़ेदार गाना "ऐ दिल ! दिल की दुनिया में"... मेरी दोस्त अन्नूरानी ❤️!!वक्त में पीछे जाना तो बूते की बात नहीं लेकिन ये खुशबुएं जैसे कोई यान हैं जो मुझे वहां ले जाया करती हैं!!